Saturday, August 13, 2022
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गांव में स्कूल न होने की वजह से छोटी उम्र में ही छोड़ना पड़ा था घर,18 साल बाद IAS ऑफिसर बनकर घर पर की वापसी

बिहार में एक से बढ़कर एक होनहार छात्र निकल कर आते हैं। इस बात से आप बेशक वाकिफ होंगे ।हर साल जारी होने वाले यूपीएससी के परिणामों में बिहार के प्रतियोगियों का दबदबा बना रहता है। ऐसा कोई वर्ष नहीं बीता है।जब बिहार के प्रतियोगी छात्रों ने अपना परचम न लहराया हो बिहार उन राज्यों में शामिल किया गया है। जहां पर देश के सबसे अधिकआईएएस ऑफिसर बन कर निकलते हैं।

आपको जानकर हैरत होगी कि बिहार में आज भी यदि शिक्षा का जिक्र किया जाता है तो यहां पर कोई बेहतर शिक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था का जायजा ले तो यहां हर साल आयोजित की जाने वाली बोर्ड परीक्षाओं में नकल की खबरें शुमार पर होती है ।जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरती है।बिहार में कैसे फर्जी टॉपर तैयार किए जाते हैं।इसकी खबरें भी आपने जरूर पढ़ी होगी। लेकिन इन सभी के अलावा इस राज्य की एक और खासियत जिससे आप वाकिफ होंगे कि यहां के युवा यदि किसी चीज को ठान लेते हैं, तो वो करके दिखाते हैं। भारत की प्रतियोगी परीक्षाओं में यूपीएससी की परीक्षा काफी कठिन परीक्षाओं में शामिल है। इस परीक्षा में हर वर्ष बिहारियों ने भारी संख्या में सफलता हासिल की है ,तो चलिए आज हम ऐसे ही एक बिहार के लाल की दास्तां सुनाते हैं। जिनकी खासियत है कि इन्होंने एक नहीं बल्कि 2 बार यूपीएससी की परीक्षा पास करके अपने आपको साबित कर दिखाया है

आठ वर्ष की आयु में पढ़ाई के लिए घर छोड़ना पड़ा

पढ़ाई में होशियार इस होनहार युवा का नाम है।सुमित कुमार यह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा गांव के निवासी हैं। इनके पिता सुशाल वणवाल जो कि आर्थिक तंगी में अपना गुजर-बसर करते थे। सुमित के पिता का बचपन का ही ख्वाब था कि उन्हें अपने बेटे को कुछ बड़ा बनाना है। हालांकि उनके गांव में शिक्षा को लेकर कुछ खासा व्यवस्था नहीं थी। जिससे कि वह सुमित के भविष्य को संवार सकें ।यही वजह है कि सुमित के 8 वर्ष के खेलने कूदने की उम्र में ही घर से बाहर जाना पड़ा, जिससे कि उसका भविष्य संवर सके।

वर्ष 2007 में मैट्रिक और 2009 में इंटर की परीक्षा काफी अच्छे अंको से पास की।उसके पास सन 2009 में इनका सिलेक्शन IIT कानपुर में हो गया था। जिसके बाद उन्होंने IIT कानपुर से इन्होंने B. TECH की पढ़ाई कंप्लीट की। पढ़ाई में इन के शानदार नतीजों के बाद सुमित ने निश्चय किया कि वह यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होंगे।

2017 में UPSC की परीक्षा क्वालीफाई की


सुमित कुमार ने साल 2017 में UPSC की परीक्षा को क्लियर कर लिया था। इस समय इनकी 493 वी रैंक रही थी और इनको डिफेंस कैडर की पोस्ट मिली थी सुमित इस रैंक से भी संतुष्ट नहीं थे।यही वजह है कि उन्होंने दोबारा परीक्षा देने का मन बनाया इसके बाद उन्होंने 2018 में फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी और इस बार इनको एक बड़ी सफलता मिली। सुमित कुमार ने देश भर में 53वी रैंक हासिल की और अपने सपने को साकार किया।

सुमित का युवा वर्ग के लिए संदेश


UPSC की परीक्षा की तैयारी करने वाले अपनी सफलता का सूत्र बताते हुए।सुमित कुमार का कहना है कि इस बात में कोई दो राय यही है कि यह बेहद कठिन परीक्षा रही है, लेकिन यदि कोई प्रतियोगी सही रणनीति अपनाकर तैयारी करें तो अब बेहद आराम से इस परीक्षा को क्लियर कर सकता है।इसके लिए उसे चाहिए कि वह लगातार बदलते हुए पैटर्न को देखते रहे। वही साक्षात्कार के समय ज्यादातर सवाल करंट अफेयर से जुड़े होने पूछे जाने का चलन है।प्रतियोगी को चाहिए कि वह देश दुनिया में लगातार घट रही घटनाओं पर अपनी नजर बनाए रखें। इसके अतिरिक्त उसे समाचार पत्र या मैगज़ीन को नियमित रूप से पढ़ने का प्रयास करते रहना चाहिए।

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